रविवार 31 मई 2009 को सांय 4 बजे से एक ब्लॉगर्स मिलन प्रस्तावित है। नुक्कड़ वाले हैं इसलिए किसी नुक्कड़ पर तो कर लेंगे पर यदि दिल्ली में कहीं पर कोई सज्जन ऐसे स्थान की व्यवस्था करवा सकें जिसके उपर खुला आसमान न हो और खर्च भी न हो तो वरीयता वहीं देना चाहेंगे जिससे धूप अथवा आंधी बारिश की संभावना से बचा जा सके।
वैसे कनाट प्लेस का सैन्ट्रल पार्क, लोधी गार्डन, इंडिया गेट, आस्था कुंज (नेहरू प्लेस) के खुले आसमान के नीचे बिछी घास तो उपलब्ध है ही। पहली बार सिर्फ मिलना मिलाना और जान पहचान ही होगी। समय होने पर इससे अधिक पर चर्चा भी की जा सकेगी। पर विषय यहीं पर तय हो जिससे ब्लॉगर्स मिलन की जय हो और किसी को इससे न भय हो।
जो सचमुच पहुंच सकें, वे अपनी स्वीकृति टिप्पणी में अवश्य दें। दिन और समय तो निश्चित है सिर्फ स्थान अनिश्चित। इसे भी बृहस्पतिवार, शुक्रवार तक निश्चित कर लिया जाएगा। दिल्ली और आसपास से जुड़े ब्लॉगर्स और उस दिन दिल्ली में बाहर से आये हुये ब्लॉगर्स को भी सादर आमंत्रण है। अपना फोन नंबर, ई मेल पता व अन्य संपर्क अवश्य दर्ज करें।
इस कार्यक्रम को अपना ही मानें। नुक्कड़ तो सबका साझा है।
इस पोस्ट को अपने ब्लॉग पर भी सहर्ष प्रकाशित कर सकते हैं अथवा इसका लिंक दे सकते हैं।
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वैसे कनाट प्लेस का सैन्ट्रल पार्क, लोधी गार्डन, इंडिया गेट, आस्था कुंज (नेहरू प्लेस) के खुले आसमान के नीचे बिछी घास तो उपलब्ध है ही। पहली बार सिर्फ मिलना मिलाना और जान पहचान ही होगी। समय होने पर इससे अधिक पर चर्चा भी की जा सकेगी। पर विषय यहीं पर तय हो जिससे ब्लॉगर्स मिलन की जय हो और किसी को इससे न भय हो।
जो सचमुच पहुंच सकें, वे अपनी स्वीकृति टिप्पणी में अवश्य दें। दिन और समय तो निश्चित है सिर्फ स्थान अनिश्चित। इसे भी बृहस्पतिवार, शुक्रवार तक निश्चित कर लिया जाएगा। दिल्ली और आसपास से जुड़े ब्लॉगर्स और उस दिन दिल्ली में बाहर से आये हुये ब्लॉगर्स को भी सादर आमंत्रण है। अपना फोन नंबर, ई मेल पता व अन्य संपर्क अवश्य दर्ज करें।
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