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| अन्नास्वामी का हिंदी का पहला पक्का चिट्ठा |
आपसे विनम्र अनुरोध है कि शब्द के इस महायज्ञ में अपनी आहुति अवश्य अर्पित करें। इससे पुण्य आपको भी सब पढ़ने वालों को मिलेगा। तदंतर इसका संपादित संकलन बतौर पुस्तक, सार्थक टिप्पणियों और टिप्पणीकर्ता के चित्र सहित प्रकाशित किया जाएगा।
पुस्तक के प्रकाशन के लिए हिंदी के एक प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान से सहमति मिल चुकी है। फिर देर किस बात की आप भी इस शब्द यज्ञ में शामिल होइए और अपने साथियों को शामिल होने के लिए प्रेरित कीजिएगा।
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