
अभी पिछले सप्ताह ही समाचार पत्रों में एक खबर पढ़ी है कि टाटा समूह के श्री रतन टाटा को एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मैं उनको दिल से बधाई देता हूं पर मेरी यह भी गुजारिश है कि वे मुझे उनके समूह की टाटा मोटर्स निर्मित टाटा इंडिका जीटा से भी मुक्ति दिलवाने का कष्ट करें। मेरे लेखन कार्य में अनियमितता का एक कारण यह समस्या है। जिसने मेरा चैन छीन रखा है।
टाटा इंडिका कार ने छिना सुख
14 मार्च 2008 को मैसर्स विवेक ऑटोमोबाइल्स से खरीदी गई कार मुझे वर्ष 2007 की निर्मित दी गई।
कार ने डिलीवरी वाले दिन से ही दिक्कत देना शुरू कर दिया।
14 मार्च 2008 को जब कार की डिलीवरी लेकर करोलबाग से चला तो अपने कार्यालय सीरी फोर्ट आने तक के मार्ग में कार का इंजन दो बार बंद हुआ। मैंने सोचा कि शायद स्पीड कम होने के कारण बंद हुआ होगा। मैंने दोबारा स्टार्ट की और चल दिया।
मैंने कार खरीदने से पहले विवेक आटोमोबाइल्स प्रा. लि. के विक्रय प्रतिनिधि दिनेश चावला से जानकारी ली थी कि क्या इस कार में सीएनजी किट लगवाना ठीक रहेगा तो उन्होंने बताया था कि किट टाटा मोटर्स से प्राधिकृत श्रीमंकर गैस कार सर्विसिज प्रा. लि. ओखला से लगवानी होगी। 13 मार्च 2008 को मैंने दिनेश चावला को उनकी ई मेल पर इंटरनेट से मिला एक लिंक दिया था और जानना चाहा था कि क्या सीएनजी किट लगवाने से कार में कोई परेशानी आती है तो उन्होंने कहा था कि नहीं, ऐसा नहीं है।
14 मार्च 2008 को पूरा भुगतान करके कार की डिलीवरी ले ली। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर डी एल 3 सी ए वाई 5018 है। दिनांक 21 मार्च 2008 को विवेक आटोमोबाइल्स से जारी पत्र के आधार पर श्रीमंकर गैस कार सर्विसिज प्रा. लि. ने 29 मार्च 2008 को कार में बेदिनी मेक की सीएनजीकिट इंस्टाल करके कार की डिलीवरी शाम को मुझे दे दी। कार वहां से लेकर घर की ओर चलने पर ही इनकी वर्कशाप के पास सी लाल चौक पर गैस पर होने के कारणदो तीन बार बंद हो गई और मैंने पेट्रोल मोड पर कर ली और कुछ दूर चलकर फिर गैस मोड पर कर ली।
अगले घटनाक्रम का सारांश यह है कि एक दिन इंजन सीज होने पर गाड़ी मेरे घर से टाटा मोटर्स वाले टो करके मैसर्स सान्या मोटर्स ओखला ले गए थे। वहां पर इसका इंजन बदला गया था। श्रीमंकर गैस सर्विसेज द्वारा लगाई गई किट हटा ली गई थी।
बाद में फिर विवेक ऑटोमोबाल्स की स्वीकृति से मैसर्स सचदेवा ओखला से सीक्वल किट 57 हजार मूल्य की लगवाई गई। अब किट तो सही काम कर रही है परन्तु अन्य परेशानियों के साथ जुलाई 2009 में इसका क्लच प्लेटों का कार्य कंपनी द्वारा किया गया और इसके खराब होने का दोषी मुझे ठहराया गया कि आप क्लच दबाकर कार चलाते हो। जबकि इससे पहले मैंने मारूति 800 तीन साल चलाई और उसमें एक बार भी क्लच की समस्या नहीं आई परंतु क्योंकि उसमें एसी नहीं था इसलिए मैंने कार बदली थी। अप्रैल 2010 यानी मात्र 7 महीने में ही मैसर्स विवेक आटोमोबाइल्स मथुरा रोड में सर्विसिंग के लिए जब गाड़ी दी गई तो 6 दिन फिर गाड़ी वहीं रही जिसमें फिर से क्लच प्लेटों का पूरा काम किया गया क्योंकि विवेक आटोमोबाइल्स के अनुसार वे जली पाई गईं। उसके सेल्फ न लेने संबंधी शिकायत लगभग दो महीने पहले करवाई थी, वो ठीक करने के बाद भी बढ़ गई थी। उसके निदान में समय लगा बतलाया गया है। मैंने इसकी एक्टेंटिड वारंटी भी ली है परन्तु इससे होने वाली परेशानियों की कोई गारंटी-वारंटी नहीं है वो तो बिना इसके ही मुझे लगातार मिल रही हैं। पता नहीं कितनी राशि फोन काल पर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर इसके होते हुए भी मैं खर्च कर चुका हूं।
वहां से मैं 14 अप्रैल 2010 को कार लेकर आया जो कि नियमित चौथी सर्विस करवाकर दी गई थी। 16 अप्रैल 2010 को कार ने पेट्रोल में स्टार्ट होना बंद कर दिया और उसमें से पेट्रोल की बदबू आने लगी। सूचित करने पर मैसर्स विवेक ऑटोमोबाइल मथुरा रोड से एक ड्राइवर अनिल इसे आकर मेरे कार्यालय से ले गए। उस समय कार के मीटर की सुई पर्याप्त पेट्रोल दिखला रही थी। लेकिन शाम को फिर जब कार मेरे पास वापिस भेजने की बात चली तो तब इसमें पेट्रोल नहीं था, बतलाया गया। इसे आफिस छोड़ने एक अन्य ड्राइवर मंजीत आए जो मेरे कहने पर 100 रुपये का पेट्रोल और 150 रुपये की सीएनजी डलवाकर मेरे आफिस में कार देकर गए।
अभी परेशानियों का यह सिलसिला मैं रोकना चाहता हूं और एक ऐसे काबिल वकील की तलाश में हूं जो कंज्यूमर फोरम में मेरा मामला उठा सके और मेरी कार टाटा मोटर्स को वापिस करवा कर इस पर किया गया व्यय और परेशानियों के एवज में क्षतिपूर्ति दिलवा सकें।
इस संबंध में टाटा मोटर्स तक सीधी पहुंच रखने वाला या टाटा मोटर्स का ही कोई आला अधिकारी इस संबंध में मेरी मदद कर सकेंगे तो मैं उनका बहुत आभारी रहूंगा। मेरा ई मेल पता avinashvachaspati@gmail.com तथा मोबाइल नंबर 09868166586 है। मैं भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के विभाग फिल्म समारोह निदेशालय, नई दिल्ली में कार्यरत हूं।
हैरानी की बात है कि टाटा मोटर्स के अधिकारियों को इस मामले की जानकारी है। मैसर्स विवेक ऑटोमोबाइल्स के स्वामी और प्रबंधक मेरे द्वारा फोन किए जाने पर मिलने और बात करने से कतराते हैं। कस्टमर हूं तो क्या वे मुझे कष्ट दे देकर जान से ही मार डालने के लिए उद्यत हैं।
इस मामले का निबटारा तो विवेक ऑटोमोबाइल्स में ही हो जाना चाहिए था पर वे इसमें रुचि नहीं दिखला रहे हैं। उनके यहां गाडि़यों के मरम्मत और सर्विसिंग के हालात भी बदतर हो गए हैं। करौलबाग वाला उनका टाटा मोटर्स का कार बिक्री शोरूम बंद हो चुका है - ऐसी मुझे जानकारी मिली है और मथुरा रोड वाला सर्विस सेंटर भी कभी भी बंद हो सकता है। यह सब उनके यहां के कर्मचारी ही बतलाते हैं पर वे यह भी कहते हैं कि उनके नाम का खुलासा न किया जाए।
इस पोस्ट को कई समाचार पत्रों द्वारा अपने यहां प्रकाशित करने के लिए सूचना दी गई है। यदि आप भी इसे प्रचारित/प्रसारित कर रहे हों तो उस वेबसाइट/ब्लॉग का लिंक मेरी ई मेल आई डी अथवा प्रकाशित अंक की प्रति मेरे पते पर अवश्य भिजवाने का कष्ट कीजिएगा।


