सामूहिकता में सफलता का वास है
पसंद पर चटकाना मत भूलिएगा

हम हिन्दी ब्लॉगर आभासी दुनिया से निकलकर आपस में रूबरू हो रहे हैं। रचनात्मक विचार और ऊर्जा को सार्थकता की ओर ले जाने की ओर कटिबद्ध हैं। इन प्रयासों को गति देने के लिए वर्ष 2009 में फरीदाबाद में साहित्य शिल्पी के वार्षिक कार्यक्रम में नुक्कड़ की पहल पर हिन्दी ब्लॉगर आपस में रूबरू हुए। इनके सकारात्मक परिणामों को देखकर तदन्तर श्री अजय कुमार झा जी ने दिल्ली में 15 नवम्बर 2009 तथा हाल में 7 फरवरी 2010 में हिन्दी ब्लॉगरों को जोड़ने का जो कार्य किया, वो अद्भुत है। 15 नवम्बर 2009 के दिल्ली ब्लॉगर मिलन के कार्यक्रम में इच्छा होते हुए भी मैं शामिल नहीं हो सका जिसका मुझे बहुत दुख रहा। उसी दिन मैं दिल्ली से गोवा में आयोजित किए जा रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के आयोजनपूर्व तैयारियों के लिए सरकारी आदेश के तहत दिल्ली से गोवा जा गया था। गोवा से अपना सरकारी कार्य पूरा करके मैं अपने हिन्दी ब्लॉग जगत के मित्रों के आग्रह पर पांच दिन के लिए मुंबई गया और वहां पर श्री विवेक रस्तोगी, श्री महावीर सेमलानी इत्यादि के प्रयासों से 6 दिसम्बर 2009 को आयोजित किए गए मुंबई के हिन्दी ब्लॉगर मिलन में शामिल हुआ, जो बेहद सफल रही। यह सामूहिकता में सफलता रही। 5 फरवरी 2009 को मैं श्री अमिताभ श्रीवास्तव, श्री कमल शर्मा, श्रीमती अनिता कुमार और सबरंग काव्य गोष्ठी में शामिल हुआ।
यह मिलना जुलना हिन्दी ब्लॉगिंग को तकनीकी भाषा में कहें तो टॉप गियर यानी पांचवें गियर में दौड़ा रहा है। आपसी संपर्कों में विस्तार हुआ है। इसी मिलने जुलने से हिन्दी ब्लॉगिंग में आ रही समस्याओं का भी निराकरण किया जा रहा है।
आपस में दो तीन पांच हिन्दी ब्लॉगर तो आपस में मिलते रहते हैं और मिलने के लिए जगह की भी कोई समस्या नहीं आती है। पर समस्या तब होती है जब यह संख्या दस पन्द्रह पच्चीस या इससे भी अधिक हो जाती है। हिन्दी ब्लॉगिंग में काफी समर्थ लोग भी जुड़े हुए हैं।
हिन्दी के हित को ध्यान में रखकर यह पोस्ट इस आशय से लगाई जा रही है कि यदि आपके पास या आपके संपर्क में ऐसे स्थान हैं (सिर्फ दिल्ली ही नहीं सभी प्रदेशों में) जहां पर आपस में मिलने जुलने के ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। तो उसकी जानकारी दीजिए। ऐसे महानुभावों की भी जानकारी अपेक्षित है जो इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए सभी प्रकार से सहयोग दे सकते हैं और देने के लिए तत्पर हैं। यह जानकारी आप मुझे मेरे ई मेल पते avinashvachaspati@gmail.com पर या मोबाइल नंबर 9868166586/9711537664 पर भी दे सकते हैं।
हिन्दी और हिन्दी ब्लॉगिंग को गति देने के पावन उद्देश्य से इस सत्कर्म में आपका सहर्ष स्वागत है। इसी संदर्भ में मैं यह भी बतलाना चाह रहा हूं कि आने वाली 7 मार्च 2010 को होली पर्व पर हिन्दी ब्लॉगर सपरिवार मंगल मिलन का आयोजन दिल्ली में प्रस्तावित है। संभवत: यह पहली परिकल्पना है जिसमें हिन्दी ब्लॉगरों का एक कवि सम्मेलन, महत्वपूर्ण मुद्दों और उद्देश्यों पर चर्चा के साथ ही परिवारजनों का आपस में अनौपचारिक मिलना जुलना भी होगा। इस परिकल्पना को साकार करने में सबसे बड़ी कठिनाई, जो अभी तक है, वो स्थान की है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए यह पोस्ट लगाई गई है ताकि इसमें और भविष्य में सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, कहीं भी आयोजित किए जाने वाले हिन्दी ब्लॉगरों के मिलने में सरलता हो सके। इसी से हिन्दी की ताकत का भी परिचय मिल सकेगा और सभी एक सूत्र में जुड़ सकेंगे।


