आज की मुलाकात का विवरण बाद में, केवल एक फ़ोटो देखिये ..
साधक उम्मेद सिंह जी की कलम इस मुलाकात के लिये -
प्यारी सी यह सुबह, सार्थक भी लगती कुछ ज्यादा.
विवेक के संग प्रशान्त पाया, लिये अर्थ तात्विक सा.
लिये अर्थ तात्विक सा, चर्चा खुद की और जगत की.
ब्लाग पे क्या लिखते, क्यों लिखते? सारी बातें मन की.
कह साधक यह मुलाकात तीनों को याद रहेगी.
सार्थक भी लगती कुछ ज्यादा, यह सुबह प्यारी सी.