मेरी न्यूजीलैंड यात्रा/रवीन्द्र प्रभात

संस्मरण

नई दिल्ली (भारत), लखनऊ (भारत), काठमांडू (नेपाल), थिंपु (भूटान), कोलंबो (श्री लंका) और बैंकॉक (थाईलैंड) के बाद परिकल्पना, गोपियो और भारतीय विद्या भवन न्यूजीलैंड के द्वारा संयुक्त रूप से सातवाँ अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन दिनांक 23 दिसंबर 2016 से 01 जनवरी 2017 के बीच प्रकृति की अनुपम छटा से ओतप्रोत प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया से सटे हुये दक्षिण पश्चिमी पेसिफिक ओशन के दो बडे द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बने बेहद खूबसूरत देश न्यूजीलैंड की आर्थिक राजधानी ऑकलैंड, हेमिल्टन और रोटोरुआ में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह, आलेख वाचन, चर्चा-परिचर्चा में देश विदेश के अनेक साहित्यकार, चिट्ठाकार, पत्रकार, अध्यापक, संस्कृतिकर्मी, हिंदी प्रचारकों और समीक्षकों की उपस्थिति रही। जैसा कि आपको विदित है कि ब्लॉग, साहित्य, संस्कृति और भाषा के लिए प्रतिबद्ध संस्था ‘परिकल्पना‘ पिछले पाँच वर्षों से ऐसी युवा विभूतियों को सम्मानित करती आ रही है जो ब्लॉग लेखन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा वह सात अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलनों का संयोजन भी कर चुकी है जिसका पिछला आयोजन थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में किया गया था। 
न्यूजीलैंड प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया से सटा हुआ दक्षिण पश्चिमी पेसिफिक ओशन में दो बडे द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है। इसके 40 लाख लोगों में से लगभग तीस लाख लोग उत्तरी द्वीप में रहते हैं और दस लाख लोग दक्षिणी द्वीप में। यह द्वीप दुनिया के सबसे बडे द्वीपों में गिने जाते हैं। अन्य द्वीपों में बहुत कम लोग रहतें हैं और वे बहुत छोटे हैं। ऑकलैंड, न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा नगर है। यह प्रायद्वीप के बहुत संकरे भाग में स्थित हैं। इस कारण दोनों तटों पर इसका अधिकार हैं परंतु उत्तम बंदरगाह पूर्वी तट पर है। आस्ट्रेलिया से अमरीका जानेवाले जहाज, विशेषकर सिडनी से वैंकूवर जानेवाले, यहाँ ठहरते हैं। यह आधुनिक बंदरगाह है। यहाँ पर विश्वविद्यालय, कलाभवन तथा एक निःशुल्क पुस्तकालय है जो सुंदर चित्रों से सजा है। जब न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्काई टावर पर शानदार आतिशबाजी के साथ नव वर्ष का सेलिब्रेशन शुरू हुआ तो पूरी दुनिया के हिन्दी ब्लॉगर वहाँ उपस्थित थे। 

यह एक शानदार पल था जब हम नव वर्ष की पूर्व संध्या पर नए साल का आगाज कर रहे थेे, क्योंकि पूरी दुनिया में न्यूजीलैंड एक ऐसा देश है जहां एक दिन पूर्व ही नव वर्ष मनाया जाता है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया नववर्ष का सबसे पहले स्वागत करता है। न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में स्काई टावर पर लोगों की भीड़ जुटती है, जहां लेजर शो का आयोजन और आतिशबाजी होती है। स्काई टावर को इस मौके पर खास तौर पर सजाया जाता है। नए साल की शुरूआत के साथ ही स्काई टावर रोशनी से नहा उठता है। स्काई टावर से निकलती आतिशबाजियों से पूरा ऑकलैंड जगमगा उठता है। बता दें, न्यूजीलैंड के बाद नववर्ष के समारोहों का आगाज ऑस्ट्रेलिया में होता है। ऑकलैंड न्यूजीलैंड का एक ऐसा महानगर है, जहां ऑकलैंड सिविक थियेटर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण विरासत तथा वायुमंडलीय रंगमंच है। इस थियेटर का निर्माण 1929 में हुआ था तथा अपनी मूल स्थिति में इसका वर्ष 2000 में पुनर्निर्माण किया गया। कोलकाता के हावड़ा ब्रिज की तरह यहाँ हार्बर ब्रिज है, जो केन्द्रीय ऑकलैंड और नॉर्थ शोर, ऑकलैंड का एक प्रतिष्ठित प्रतीक है। यहाँ का ऑकलैंड टाउन हॉल दुनिया के बेहतरीन ध्वनि संयोजन के लिए जाना जाता है। यहाँ एक ऑकलैंड युद्ध स्मारक संग्रहालय है जो ऑकलैंड डोमेन की प्रभावशाली नव-कलात्मक शैली के लिए जाना जाता है। 

यह बड़ी बहु प्रदर्शनी संग्रहालय 1929 में बनाया गया था। इसके अलावा रैलियों और कला उत्सव की साइट एओटिया स्क्वायर, एओटिया सेंटर शहर के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। ऑकलैंड के कैथोलिक कैथेड्रल सेंट पैट्रिक कैथेड्रल, जो एक 19 वीं सदी का गोथिक इमारत है तथा करनगहपे रोड ऊपरी केंद्रीय ऑकलैंड का एक सड़क है जो बार, क्लब तथा छोटे दुकानों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहाँ का केली तरल्टन सी लाइफ एक्वेरियम, न्यूजीलैंड समुद्री संग्रहालय, रानी स्ट्रीट मुख्य आकर्षण केंद्र है। इस शहर को नया आयाम देता है जो दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ा मुक्त खड़ी संरचना है, यह 328 मीटर (1,076 फुट) लंबा है और उत्कृष्ट मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। 

इसके अतिरिक्त यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में वेक्टर अरेना, पुल बेसिन, बेस्ट स्प्रिंग्स स्टेडियम, ऑकलैंड डोमेन, माउंट ईडन, माउंट विक्टोरिया तथा एक ट्री हिल है। बेहेक द्वीप जो हौराकी खड़ी में स्थित है दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है और तटों, जंगलों, दाख की बारियां और जैतून के पेड़ों के लिए जाना जाता है। ये सभी स्थल इस महानगर को आयामीत करते हैं। न्यूजीलैंड की यात्रा के क्रम में ऑकलैंड के बाद हमारा अगला पड़ाव था हेमिल्टन होगा और इसके बाद रोटोरूया। हैमिल्टन न्यूजीलैण्ड का चौथा सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। यह उत्तर द्वीप के वाइकाटो क्षेत्र में है, ऑकलैंड से लगभग 130 किलोमीटर (80 मील) दक्षिण में। शुरुआत में यह कृषि सेवा केन्द्र था, परन्तु अब इसकी विविध और बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और यह सम्पूर्ण न्यूजीलैण्ड में दूसरा सबसे तेजी से उन्नति करता नगरीय क्षेत्र है। शिक्षा और अनुसंधान एवं विकास हैमिल्टन की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

यहाँ हमने विश्व प्रसिद्ध ‘वाइटोमो ग्लोवार्म गुफा‘ के माध्यम से न्यूजीलैंड के नैसर्गिक सौन्दर्य का विहंगवालोकन किया। विश्व प्रसिद्ध नाव की सवारी का आनंद लेते हुये सांस्कृतिक और प्राकृतिक इतिहास के 120 साल पुराने न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक और भूवैज्ञानिक महत्व के इस अद्वितीय रोशनी के इस आकाशगंगा में प्रवेश करने के उपरांत हमने तुरंत एक शांत वातावरण का अनुभव किया प्रकृति के इस अनुपम दृश्य को देखकर। यहाँ के अन्य आकर्षण में हेमिल्टन गार्डेन्स, वाईकाटो संग्रहालय, वाईकाटो स्टेडियम और हेमिल्टन जू है जो हमारी यात्रा को सुखद और रोमांचक बनाने के लिए काफी था। रोटोरूआ में मनोहारी झील, जंगल और जोखिम से भरी खूबसूरत भौगोलिक परिस्थितियाँ है जहां आने के बाद स्वर्गानुभूति होती है। यहाँ की सबसे पुरानी मओरी संस्कृति की झलक देखने को मिली। रोटोरुआ दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है। यह अपने भूतापीय गतिविधि के लिए जाना जाता है। यह वनस्पति उद्यान और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

न्यूजीलैंड एक छोटा सा देश है जो मुख्यतः उत्तरी व दक्षिणी, दो द्वीपों का समूह है। सर्फिंग, जेट बोटिंग, बेलूनिंग, स्काई डाइविंग, ग्लाइडिंग के लिए यह देश खास तौर पर मशहूर है। बेहतरीन सुव्यवस्थित गार्डन, चिडियाघर, कैसिनों इस देश के कुछ अन्य ऐसे आकर्षण हैं जिनमें कोई भी सैलानी चाहकर भी स्वयं को अछूता नहीं रख पाता। हम जिन-जिन क्षेत्रों से गुजरे उसमें से एक है माउंट ताराबेस। उत्तरी द्वीप पर स्थित यह पवित्र ज्वालामुखी माओरी जनजाति की संपत्ति मानी जाती है। इसके मुख का भाग अब पानी भर जाने के बाद रोतो माहाना झील के नाम से जाना जाता है। अतीत में कभी सक्रिय रहा यह ज्वालामुखी आज भी रोमांच का अनुभव कराता है। दूसरा है तोंगारिरो राष्ट्रीय उद्यान। यह जगह विश्व विरासत के रूप में विख्यात है। उत्तरी द्वीप पर स्थित यह उद्यान अपने नाटकीय व अद्भुत दृश्यों के लिए जाना जाता है। 

हरे घास के मेदान से गुजरते हुए कब हम पर्वत चोटियों के करीब पहुंच गए यह पता ही नहीं चला। कहते हैं न्यूजीलैंड में सैर का सर्वोत्तम समय सितंबर से अप्रैल के बीच का है। इस वक्त यहां मौसम साल भर की तुलना में अपेक्षाकृत गर्म रहता है। दिसंबर का द्वितीय पक्ष पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत बेहतर होता है। 23 दिसंबर 2016 से 1 जनवरी 2017 के बीच न्यूजीलैंड की आर्थिक राजधानी ऑकलैंड में आयोजित ‘सप्तम अंतरराष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन‘ में जाने वाले प्रतिभागी न्यूजीलैंड के महत्वपूर्ण मौसम का भरपूर लुत्फ लिया। आड़ी-तिरछी लकीरों की तरह नीला समुंदर हिमाच्छादित पहाड़ियों को चीरते हुए धरती पर अपना रास्ता बनाता हुआ न्यूजीलैंड एक अदभुत देश है। यह देश प्रकृति के नैसर्गिक सौंदर्य का एक जीवंत परिक्षेत्र है। ऊँची नीची पहाड़ियों पर हरी भरी घास पर चरती भेड़ों, गायों और हिरणों को देख कर हृदय प्रफुल्लित हो उठता है। 

समुद्र -तट पर छोटी छोटी अनेकानेक निजी नावें लहरों पर थिरकती हुई बहुत सुंदर प्रतीत होती हैं। भोजन के बाद मनमोहक प्रकृति का लुत्फ उठाते हुए हाड़ियों पर घूमना अपने आप में अलौकिक है। समंदर इतना गहरा नीला है जितना हमने कहीं नहीं देखा। पानी भी कुछ ज्यादा ही ठंडा और खारा मिला यहाँ। सप्तम अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन का उदघाटन सत्र जहां आयोजित हो रहा था, उस शहर की विशेषताएँ जानकार हम हतप्रभ रह गए। जी हाँ बात कर रहा हूँ ऑकलैंड की। शीतल मंद हवा के झोंके से लहराते जहाज के पाल और हवा से बातें करती हुयी सर्ू्य की किरणें जब आड़ी-तिरछी लकीरों की तरह नीला समुंदर हिमाच्छादित पहाड़ियों को चीरती हुयी धरती पर अपना रास्ता बनाए तो सोचिए यह दृश्य मन को कितना रोमांचित करेगा? यही है इस शहर का नैसर्गिक सौंदर्य जो विश्व के किसी अन्य शहर में देखने को नहीं मिलता। यह शहर ‘सिटी ऑफ सेल्स’ के नाम से मशहूर है।
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