मिसफ़िट और उडनतश्तरी पर कुछ खास

Posted on
  • by
  • Girish Billore
  • in

  • खुशियाँ मनाइये कि मेरा रेप नहीं हुआ!!!

    rape

    पापा,
    आप खुशियाँ मनाइये
    एक उत्सव सा माहौल सजा
    कि आपने मुझे खत्म करवा दिया था
    भ्रूण मे ही





    रैपिस्ट मस्ट बी हैंग टिल डैथ

            
     सरकार को नारी के साथ बलात्कार उसके खिलाफ़ सबसे जघन्य हिंसा मानने में अब देर नहीं करनी चाहिये.नारी की  गरिमा की रक्षा के लिये बलात्कार को किसी भी सूरत में हत्या से कमतर आंकना सिरे से खारिज करने योग्य है.  घरों में काम करने वाली नौकरानियां, दफ़्तरों का अधीनस्त अमला, इतना ही नहीं उंचे पदों पर काम कर रहीं महिलाएं तक भयभीत हैं. मुझसे नाम न लिखने की शर्त पर एक महिला अधिकारी कहतीं हैं-"हम कितना भी दृढ़ता दिखाएं आखिरकार औरत हैं पल भर में हमारा हौसला खत्म करने में कोई लापरवाही नहीं करता पुरुष प्रधान समाज . "
     ब्लाग जगत की महत्वपूर्ण लेखिका Aradhana Chaturvedi (आराधना चतुर्वेदी रिसर्च स्कालर  )  खुद भयभीत हैं -"मैं दिल्ली में रहती हूँ. अकेले बाहर आती-जाती हूँ. शाम को जल्दी आने की कोशिश करती हूँ, पर सर्दियों में तो छः बजे...
     अँधेरा हो जाता है.  .....................................मिसफ़िट पर पढ़िये यहां से 

    1 टिप्पणी:

    1. इस पूरे मुद्दे पर मैने एक जगह एक पोस्ट पढी है आप भी अवश्य पधारे और अपनी राय दे socialissues.jagranjunction.com/2012/12/19/%e0%a4%9c%e0%a4%ac-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%88-%e0%a4%a4%e0%a4%ac-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%9a/

      उत्तर देंहटाएं

    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
    Copyright (c) 2009-2012. नुक्कड़ All Rights Reserved | Managed by: Shah Nawaz