पत्नियों से पंगा लेने के जीवट को प्रणाम : दैनिक नई दुनिया के स्‍तंभ 'अधबीच' में प्रकाशित

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यहां पर मेरे कितने ही भाई बहन और दोस्‍त याद मौजूद हैं। किंतु मैं आपसे, उन सबके साथ मिलना चाहती हूं। 

4 टिप्‍पणियां:

  1. उत्तर
    1. पढ़ लिया क्‍या भाई
      आलोचना क्‍यों नहीं की
      वह भी करते
      कुछ बतलाते तो
      मजा छगुना हो जाता।

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति पर वास्तव में बहुत गंभीर समस्या..इन्ही लोगों के हाथों में हमने देश की बागडोर सौंपी है ...खेद होता है अपने किये पर

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    उत्तर
    1. सरस जी इन लोगों को तो जमीन खोद कर उसमें दफना देना चाहिए तभी अनुकूल रस की प्राप्ति हो सकती है।

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