राष्‍ट्रीय सहारा दैनिक 27 अप्रैल 2012 में शेखर कपूर ने माना : तेजी से उभर रहा है ब्‍लॉगिस्‍तान


मैं तो जाने कबसे कह रहा हूं
पर आपको इंडिया टुडे पत्रिका में प्रकाशित
उभार के चित्र देखने से ही फुरसत नहीं है

उभार होते हैं शरीर पर भार
भार जो सामने वाले की आंखों पर लद जाता है
उसे बुखार चढ़ जाता है
कितनों का तो उतर जाता है

यह बुखार चढ़ाने
उतारने की देसी प्रक्रिया है
आजकल तेजी पर है
पहले रोजी पर थी

भार जो कभी कम नहीं होता
भार जिसे तोलने के लिए
जरूरत नहीं होती है तराजू की
भार जिसके सब होना चाहते हैं आभारी

आप भी कर लें तैयारी
अभी तो इंडिया टुडे ने दिखाया है
और ब्‍लॉग का पाठक गश खा गया है

जब ब्‍लॉगर दिखलाएंगे तो
क्‍या इंडिया टुडे वाले भी गश खाएंगे।

मनोविकृति को बनाओ उज्‍ज्‍वल कृति
इस तरह विचारों को मत बनाओ बेईमान
कहना लो मान
फिर लेना जान
मीडिया में सर्वोपरि रहेगा
हमारा आपका सबका ब्‍लॉगिस्‍तान।

2 टिप्‍पणियां:

  1. कल 27/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .

    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मीडिया में सर्वोपरि रहेगा
    हमारा आपका सबका ब्‍लॉगिस्‍तान।

    उत्तर देंहटाएं

आपके आने के लिए धन्यवाद
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