बल्ले-बल्ले करते काजल कुमार

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  • SUMIT PRATAP SINGH
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  • प्रिय मित्रो

    सादर ब्लॉगस्ते!

    साथियो काजल और सुरमा सुन्दरी के नैनों को और अधिक आकर्षक व कटीला बनाने का काम करते हैं. इन नैनों में खोकर ही हम और आप जैसे कवि व गीतकार कुछ ऐसा रच डालते हैं कि उन नैनों की सुन्दरता में चार चाँद लग जाते हैं. हालाँकि अब काजल और सुरमे के दिन लद चुके हैं और उनका स्थान "आई लाइनर" ने ले लिया है. किन्तु हम ब्लॉगरों के नैनों की सुंदरता सदैव बढाते रहेंगे अपने ब्लॉगर बंधु और कार्टूनकार काजल कुमार जी. काजल कुमार जी मूलरूप से हिमाचल प्रदेश से हैं व दिल्ली में सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं (यानि कि हमारी तरह सरकारी दामाद हैं). इन्हें लगता है कि किसी को भी तकनीक तो सिखाई जा सकती है पर कला नहीं. कला शायद जन्मजात होती है. बस यह भी इसी का फायदा उठा रहे हैं कि रेखा चित्रकला इन्हें भी जन्म से ही मिली है, इसमें इनका कोई प्रयासपूर्ण योगदान नहीं रहा. कॉलेज के दिनों से ही यह कार्टून बनाने में मस्त और व्यस्त हैं. आइए कुछ बातें कर लेते हैं इनसे...
     
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