स्वामी विवेकानंद

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  • vijay kumar sappatti
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  • स्वामी विवेकानंद

    आज भी परिभाषित है
    उसकी ओज भरी वाणी से
    निकले हुए वचन ;
    जिसका नाम था विवेकानंद !

    उठो ,जागो , सिंहो ;
    यही कहा था कई सदियाँ पहले
    उस महान साधू ने ,
    जिसका नाम था विवेकानंद !

    तब तक न रुको ,
    जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो ...
    कहा था उस विद्वान ने ;
    जिसका नाम था विवेकानंद !

    सोचो तो तुम कमजोर बनोंगे ;
    सोचो तो तुम महान बनोंगे ;
    कहा था उस परम ज्ञानी ने
    जिसका नाम था विवेकानंद !

    दूसरो के लिए ही जीना है
    अपने लिए जीना पशु जीवन है
    जिस स्वामी ने हमें कहा था ,
    उसका नाम था विवेकानंद !

    जिसने हमें समझाया था की
    ईश्वर हमारे भीतर ही है ,
    और इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है
    उसका नाम था विवेकानंद !

    आओ मित्रो , हम एक हो ;
    और अपनी दुर्बलता से दूर हो ,
    हम सब मिलकर ; एक नए समाज ,
    एक नए भारत का निर्माण करे !
    यही हमारा सच्चा नमन होंगा ;
    भारत के उस महान संत को ;
    जिसका नाम था स्वामी विवेकानंद !!!


    12 टिप्‍पणियां:

    1. छत्‍तीसगढ़ में स्‍वामीजी, तब नरेन्‍द्र के प्रवास पर सुंदर और कर्णप्रिय गीत यहां http://rakeshjeora.blogspot.com/2012/01/blog-post_11.html हैं.

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    2. theek tareeke se vivekanand ko samajh liya jaay to kisi dhram kee koi jaroorat nahin..

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    3. अद्भुत थे स्वामी विवेकानंद
      नमन उस महाज्ञानी को
      और नमन आपकी इस रचना को...

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    4. नमन उस महाज्ञानी को
      और नमन आपकी इस रचना को...

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    5. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
      मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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    6. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति

      शुक्रवारीय चर्चा मंच पर

      charchamanch.blogspot.com

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    7. Sach vevekanand ji ko yaad karte yahi shabd honton par aa rahe hain ki
      "Uthkar khade to ho jaate hain ham
      lekin jaagna abhi hamara baaki hai"
      .bahut sundar prastuti hetu aabhar!

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    8. आपकी लेखनी और स्वामी जी को नमन , बहुत सुंदर रचना

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    9. स्वामीजी को याद करती हुई प्रभावी रचना ....
      स्वामीजी को शत -शत नमन

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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