शुभकामनाएं - नए रूप

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  • Kajal Kumar
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  • पहले मैं शुभकामनाओं के लिए, सुखाए गए पत्तों या काग़ज़ के… अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड भेजता था.
    फिर दुकान से ख़रीद कर भेजने लगा.
    फ़ोन आने पर, फ़ोन से ही शुभकामनाएं दे दी जातीं.
    कंप्यूटर आने पर इलेक्ट्रानिक ग्रीटिंग कार्ड जाने लगे.
    फिर इलेक्ट्रानिक ग्रीटिंग कार्ड के बजाय केवल ई-मेल भेज कर काम चलाने लगा.
    मोबाईल आए तो SMS से शुभकामनाएं दे दी जातीं.
    फ़ेसबुक आने से अब बस वहां लिख आता हूं (जिसे पढ़ना हो जाकर पढ़ ले भई).
    कल हो सकता है कि मैं मन ही मन सोच कर इतिश्री मान लूं कि चलो पीछा छूटा, हो गया ये काम भी J

    00000
    -काजल कुमार

    5 टिप्‍पणियां:

    1. काजल जी , ब्लॉग को तो भूल ही गए ।
      नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।

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    2. नव वर्ष
      लाये जीवन में उत्कर्ष,हर्ष : -)

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    3. काजल भाई अगले साल से टेलीपैथी से आपस शुभकामनाएं दे देंगे..अभी तो कमेन्ट से ही शुभकामनाएं स्वीकारें...

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    4. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
      तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
      अवगत कराइयेगा ।

      http://tetalaa.blogspot.com/

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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