अरे दीवानों इसे पहचानो ...

Posted on
  • by
  • अविनाश वाचस्पति
  • in
  • Labels:

  • अरे दीवानों मुझे नहीं 
    इस पुस्तक को पहचानो 
    किसने लिखा यह भी जानो 
    किसने किया लोकार्पण 
    और किसने कहा अनूठी है यह ?

    ०४ मार्चविश्व पुस्तक मेलानई दिल्ली। हिंद-युग्म डॉट कॉम के तत्वाधान में रवीन्द्र प्रभात के नवीनतम उपन्यास प्रेम न हाट बिकाय’ का विमोचन हुआ। विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार प्रताप सहगलवरिष्ठ लेखक डॉ. हरीश अरोड़ा, वरिष्ठ साहित्यकार सुभाष नीरव एवं युवा कवि-लेखक राजीव रंजन प्रसाद और मैं नाचीज ने किया। प्रेम न हाट बिकाय’ रवीन्द्र प्रभात का दूसरा उपन्यास है जोकि त्रिकोणीय प्रेम कहानी पर आधारित है। 

    हिंद-युग्म दरअसल एक वेबसाइट है जो पिछले छ: सालों से अपनी वेबसाइट पर साहित्यिक रचनाओं व गीत-संगीत का प्रकाशन तथा प्रसारण कर रहा है।

    विमोचन अवसर पर वरिष्ठ कवयित्री गीता पंडित, बोधि प्रकाशन के माया मृग, वरिष्ठ कवि-लेखक सुरेश यादव, चर्चित युवा कवि अवनीश  सिंह चौहान, हिंद युग्म के संपादक शैलेश भारतवासी सहित बहुत से साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। 

    5 टिप्‍पणियां:

    1. स्वागत इस साहित्यिक कृति का. देखा नहीं है अभी, पढने के बाद विशेष.

      उत्तर देंहटाएं
    2. होली के अवसर पर ... मैं शपथ पूर्वक घोषणा करता हूँ की मई ... प्यार की पिचकारी में कभी छेद नहीं करूंगा
      होली रंगों से भरा हो /
      मेरे भी ब्लॉग पर होली खेलने आयें /

      उत्तर देंहटाएं

    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
    Copyright (c) 2009-2012. नुक्कड़ All Rights Reserved | Managed by: Shah Nawaz