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कैरिकेचर सौजन्‍य सागर
चश्‍मा सौजन्‍य ललित शर्मा

3 टिप्‍पणियां:

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  2. फेसबुक से लाया हूं :-

    छाया रहे अन्‍ना, यही है तमन्‍ना

    हंसते-हंसाते प्‍यार से लड़ ले जो बड़ी से बड़ी लड़ाई...
    ऐसा ही यह शख्‍स अविनाश वाचस्‍पति‍ अन्‍नाभाई...

    जब देखो तो गरम शब्‍दों की जमाये रहता है धूनी...
    किसी को लगता हो पर है नहीं असल का बातूनी...

    दि‍खता है जो कोई न कोई मुद्दे अक्‍सर लहकाता...
    सोचो जब तो दिख जाता कुछ न कुछ सुलझाता...

    गजब यह शख्‍स, हमें हमेशा पत्‍थर से टकराता...

    लेकिन समझो तो यह असल में मुद्दों से लड़ाता...

    सदा-सर्वदा यह लड़ाये हमें, दिली इच्‍छा हमारी...
    हज़ारों साल हर वर्ष दें हम शुभकामना ढेर सारी...

    ( ऐसा न कि हो काव्‍य-सतर्क अपना व्‍यंग्‍यकार...
    कहीं न 'प्रहार' मान ले यह ' कविता का उपहार '...)

    भाई व्‍यंग्‍यकार, संजीदा हो अब प्‍लीज मुस्‍कुराएं...
    कि हम आज छिड़क सकें जन्‍मदिनी शुभकामनाएं...
    ----- श्‍याम बिहारी श्‍यामल

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