बुधवार 28 अप्रैल को रवीन्‍द्र प्रभात जी एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण घोषणा करने वाले हैं : हिंदी ब्‍लॉगरों टकटकी बांधे रखिएगा


ध्‍यान रहे
खुल न जाए
क्‍या ?
अरे वही टकटकी
जरा सी निगाह हटी
और पोस्‍ट पब्लिश हुई।

इसलिए नजर मत घुमाइयेगा
क्‍योंकि रवीन्‍द्र जी जो बतलायेंगे
आप पूरा घूम जायेंगे
पूरा घूम जायें
परंतु नजर मत घुमाइयेगा
नजरें जो घूम गईं तो ...

इतिहास में नाम कैसे शामिल होगा
अब हिंदी ब्‍लॉगरों को एक
महामौका दिया जा रहा है
लेकिन मौके की मरम्‍मत
करेंगे प्रभात जी
चाहें करें रात को
अथवा प्रभात को।

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फिर मेल भेजें
मैं क्‍यूं बतला रहा हूं
चुप हो जाता हूं
रवीन्‍द्र भाई आ रहे हैं
टकटकी बांधे रखिएगा
देखिए खुल न जाए
अरे वही ....

रहस्‍य यह घना है
इसलिए ही बुना है
रहस्‍य खुलना नहीं चाहिए
वे आपको बतलायेंगे
कि आप इतिहास में
कैसे समाविष्‍ट हो पायेंगे
इस बार धन भी नहीं लिया जायेगा
बस आप अपने मन की बतलाइयेगा
जल्‍दी से रेल पकड़कर
न पकड़ पायें तो लटककर

हिंदी साहित्‍य निकेतन, बिजनौर
चले आइयेगा
इतिहास आपसे ही लिखवायेंगे
आपका नाम आपसे ही जुड़वायेंगे
यह सब रवीन्‍द्र प्रभात जी ही बतलायेंगे।

आपसे ही इतिहास लिखवायेंगे
रवीन्‍द्र प्रभात जी बतलायेंगे।

मैं तो कयास लगा रहा हूं
यूं ही गुनगुना रहा हूं
आप पोस्‍टें सीरीयस पढ़ पढ़कर
बोर हो चुके हैं
इसलिए रहस्‍य की बोरी
एक और खुलवा रहा हूं
जब बोरी खुले
आप मौजूद रहिएगा
फिर मत कहिएगा

मोदक सारे बंट गए।

5 टिप्‍पणियां:

  1. रहस्यमय पोस्ट , आगे क्या होगा ?????????????????

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  2. ठीक हॆ भईया! 30 तारीख तक इसी तरह डुगडुगी बजाते रहो.
    रहस्य का पर्दा,चढाते रहो,पहेलियों पर पहेलियां बुझाते रहो.
    -बिना सस्पेंस के तो फिल्म देखने में भी मजा नहीं आता.
    कहो! कॆसी रही मेरे भ्राता?

    उत्तर देंहटाएं
  3. बुधवार तो आज है
    28 अप्रैल कल
    क्‍या यही घोषणा
    करेंगे प्रत्‍येक पल।

    उत्तर देंहटाएं

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