आज 28 फरवरी 2011 है हिन्‍दी ब्‍लॉगरों के लिए बजट से बड़ी महाखबर : खबरस्‍थल है नई दिल्‍ली का त्रिवेणी सभागार

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  • अविनाश वाचस्पति
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  • अजित वडनेरकर की शब्दों का सफ़र भाग -२ की पांडुलिपि को एक लाख रुपये का विद्यानिवास मिश्र पुरस्कार। राजकमल प्रकाशन के द्वारा अजित वडनेरकर को यह सम्मान २८
    फ़रवरी को नई दिल्ली के त्रिवेणी सभागार में शाम पांच बजे आयोजित कार्यक्रम में प्रदान
    किया जायेगा।



    आप यहां बधाई ही मत देते रहिए, वहां पहुंच कर गले भी मिलिए। जो पहले न मिले हों, वो पहले पहचानें, फिर मिलें पर संकोच मत करें। 



    2 टिप्‍पणियां:

    1. नमस्कार !
      अजित साब को बहुत बहुत बधाई ! अगर हम आप के पास होते तो अवश्य ही आप से रूबरू हो बधाई देते और आप से एक प्रति कि '' मांग '' रखते .कि ये प्रति हमे भी चाहिए . आप को पुनः बधाई ,
      सादर !

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    2. भाई, आ नहीं सकता वर्ना वहीं होता। अजित भाई को बहुत बहुत बधाइयाँ। उन के ब्लाग लेखन ने यह सम्मान प्राप्त करने का अवसर पैदा किया है। यह संपूर्ण हिन्दी ब्लागजगत का सम्मान है।

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
    लिखें सदा बेबाकी से है फरियाद

     
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