लंबे अंतराल के बाद एक आलसी फिर से ब्लॉगर परिवार में

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  • Satish Chandra Satyarthi
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  • कहते हैं "आप राजनीति को छोड़ दें, राजनीति आपको नहीं छोडती". मेरे हिसाब से यह बात ब्लोगिंग पर भी शत-प्रतिशत सही बैठती है. मैंने आलस की वजह से अपने ब्लॉग जेएनयू पर काफी समय से लिखना छोड़ रखा था. ब्लॉग पढता भी नहीं के बराबर था इधर. लगभग नाता टूट ही चला था ब्लोगिंग से. 
    पर एक बार आप ब्लोगर बन जाएँ, ब्लोगिंग आपके रगों में बैठ जाती है. इस आभासी दुनिया में अपनी बात को रखने का एक अलग ही मोह होता है जो कि आपको बार बार अपनी और खींचता है. बीच-बीच में जब भी इधर आता था. जोश-खरोश से लोगों को ब्लोगिंग करते देखता. एक दूसरे से बहस करते, लड़ते, एक-दूसरे का उत्साह बढाते... कहीं न कहीं एक टीस सी उठती था.. लगता था कुछ छूट रहा है.. 
    पिछले कुछ समय से यह नोस्टाल्जिया कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था. सो फिर से ब्लोगिंग शुरू करने की ठानी. जेएनयू में अब हूँ नहीं. दक्षिण कोरिया की सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी में अध्ययन कर रहा हूँ. सो पुराने ब्लॉग से हटकर एक नया ब्लॉग बनाने की सोची और एक नया डोमेन खरीदा और नया ब्लॉग बनाया: सुबह की शान्ति के देश में- द कोरियन एक्सपीरिएंस . पहली पोस्ट आज ही लिखी है: ब्लॉगिंग: ये रोग बड़ा है जालिम   आपसे स्नेह और उत्साहवर्द्धन की अपेक्षा है..

    4 टिप्‍पणियां:

    1. वाह आपका पुन: स्वागत है. सियोल की मुझे वह यात्रा याद है जब शाकाहारी होने के कारण कुछ-कुछ री-री जैसा लगा ही रहता था तो हमारे साथ गए रक्षामंत्रालय के एक संस्थान के फ़ैलो संजीव श्रीवास्तव के एक मित्र हमारे लिए, घर से दाल-चावल बनाकर होटल सिटी प्लाज़ा लाए थे. वे भी वहां किसी विश्वविद्यालय में ही अध्ययनरत थे. उनकी वहां एक भारत-कोरिया मैत्री संस्था भी है. उन्होंने हमें कोई पासवर्ड भी दिया था जिसके द्वारा हम इंटरनेट से बहुत सस्ते में भारत बात किया करते थे. उनका हमारा यूं ध्यान रखना आज भी याद आता है...

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    2. @संगीता पूरी... जी, धन्यवाद...
      @काजल कुमार.. यहाँ भारतीय छात्र काफी हैं. और कोई भी नया जब आता है तो सब जानते हैं कि बहुत परेशानियां झेल रहा होगा वह, विशेषकर खाने से जुडी. क्योंकि सब एक समय में ये झेल चुके होते हैं. इसलिए कोइ कसर नहीं छोड़ते मदद करने में.
      और हाँ वो इन्टरनेट की कई सारी साईट्स हैं जो सस्ती आईएसडी कालिंग उपलब्ध करते हैं.. लगभग हम सभी उसका उपयोग करते हैं.

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    आपके आने के लिए धन्यवाद
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